2018 में सर्वश्रेष्ठ: हिंदी फिल्म गाने

Best of 2018 in Bollywood Music

नरेंद्र कुसनूर

उफ! जिस साल में रिमिक्स ही रिमिक्स हों और संगीत भी औसत दर्ज का हो, उस साल के 10 सर्वश्रेष्ठ गाने चुनना बेहद मुश्किल काम होता है। इस साल कोई गाना ऐसा नहीं रहा जो पूरे साल भर छाया रहा हो या रेडियो पर उसकी धूम रही हो। ऐसा भी नहीं हुआ कि इस साल कोई ऐसी धुन आई जिसे आप महीनों तक गुनगुनाते रहे हों।

इन सबके बावजूद अगर खूब कोशिश की जाए और पूरे साल के संगीत को खंगाला जाए तो कुछ गाने ऐसे जरुर मिल जाएंगे जिनसे सूची पूरी हो जाए। संगीत निर्देशक अमित त्रिवेदी के लिए ये साल अच्छा रहा और उन्होंने कुछ गानों में गजब का संगीत दिया। अजय-अतुल की जोड़ी ने इस साल कुछ बड़े बैनरों की फिल्म की जिससे उनको भी अपने संगीत के लिए बड़ा मंच मिला।

इस लिस्ट की एक अहम बात है कि एक आर रहमान को जगह नहीं मिली है, उनकी इकलौती हिंदी फिल्म ‘बियांड द क्लाउड्स’ का संगीत बहुत सुना-सुना लगा। इस लिस्ट में हमने संजय लीला भंसाली की पद्मावत को भी शामिल नहीं किया है क्योंकि भले ही फिल्म इस साल रीलिज हुई लेकिन उसका संगीत पिछले साल सितंबर में ही आ गया था।

हमने ये भी तय किया कि लिस्ट में एक फिल्म का एक ही गाना लेंगे, तो अब लिस्ट पर जरा नजर डालिए :

1 ए वतन – फिल्म राज़ी

शंकर-एहसान-लॉय ने इस साल कम ही फिल्मों में संगीत दिया लेकिन यहां पर उन्होंने गुलजार के लिखे देशभक्ति के इस अद्भुत गाने को बनाया।  इस गाने के दो संस्करण हैं एक में अरिजित सिंह की आवाज है तो दूसरे में सुनिधि चौहान की। सुनिधि चौहान की आवाज में जो गाना है उसमें अल्लामा इकबाल के ‘लब पे आती है दुआ’ गजल की शुरुआती दो लाइनें भी हैं ।

2 मेरा नाम तू – फिल्म ज़ीरो

शाहरुख खान की इस फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिली हैं और कुल मिलाकर संगीत के लिहाज से देखें तो वो भी कोई बड़ा कमाल का नहीं रहा । लेकिन अजय-अतुल ने इरशाद कामिल के लिखे इस गाने को बेहद खूबसूरती से सुरों में सजाया है। गाने में गायक अभय जोधपुरकर की आवाज और वराद काठपुरकर का बांसुरी वादन अलग ही दिखती है।

3 चोंच लड़ाइयां – फिल्म मनमर्जियां

अमित त्रिवेदी ने इस गाने में जो किया है वो अद्भुत है। फिल्म के गानें पंजाबी में हैं और गानों को कंपोज करने और उनके संगीत में ज्यादा  ध्यान  लोक संगीत और पाश्चात्य संगीत के मिलने से निकली धुनों पर ही है। फिल्म में कई शानदार धुनें हैं लेकिन हमने यहां जाजिम शर्मा और हर्षदीप कौर की आवाज वाला ये गाना चुना है। गाने को लिखा शैली ने है।

4 ताजदार-ए-हरम – फिल्म सत्यमेव जयते

ये एक बेहद ऊर्जावान सूफियाना गाना है जिसे वाजिद ने गाया है और संगीत दिया है साजिद-वाजिद की जोड़ी ने। गाने को लिखा दानिश साबरी ने है। इसमें गाने की शैली परंपरागत है जिसे सुनकर आपको 70 के दशक की कव्वालियों की याद आएगी लेकिन इसका संगीत आज के समय का है।

5 थारे वास्ते – फिल्म परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरन

(हमने देखा कि इस वीडियो का वीडियो नहीं चल रहा है। यह है वीडियो का लिंक:लिंक - संपादक)

ये इस लिस्ट का दूसरा प्रेरणादायी देशभक्ति गाना है। इस गाने को संगीत सचिन- जिगर ने दिया है, इसे लिखा वायु ने है और गाया दिव्या कुमार ने। गाने में बीच-बीच में रेगिस्तानी लोक संगीत का भी शानदार इस्तेमाल है।

6  जां निसार – फिल्म केदारनाथ

इस फिल्म में कुछ धुनें बेहद सकून देने वाली हैं और यहीं पर अमित त्रिवेदी का काम दमकते सोने जैसा दिखता है।इस गाने के दो संस्करण है, एक अरिजित सिंह ने गाया है और दूसरा असीस कौर ने। अमित भट्टाचार्य के शब्द दिल को छू जाते हैं।

7 आला रे आला – फिल्म सिम्बा

रणवीर सिंह की फिल्म का ये गाना साल के अंतर में रीलिज हुआ। गाने को संगीत तनिष्क बागची ने दिया है और इसे गाना देव नेगी और गोल्डी ने है। पर्दे पर ये गाना और प्रभावी दिखता है क्योंकि वहां गाने में ऊर्जा और नृत्य निर्देशन इसके शब्दों और संगीत को और विस्तार देता है।

8 धड़क – फिल्म धड़क

ये फिल्म मराठी चित्रपट सैरत की रिमेक है और इसकी कुछ धुनें मराठी से उठाकर दोबारा बनाई गई हैं। फिल्म के इस शीर्षक गीत के लिए संगीत निर्देशक अजय-अतुल ने संगीत और गीतकार अमिताभ भट्टाचार्य ने शब्द सधे हुए लेकिन दिल को खुश कर देने वाले ही रखे हैं। इस लव सांग को गाया अजय गोगावाले और श्रेया घोषाल ने है।

9 नैना दा क्या कसूर- फिल्म अंधाधुंध

अमित त्रिवेदी का एक और कमाल है ये गाना जिसे उन्होंने खुद ही गाया है। जयदीप साहनी ने गाना लिखा है । इसकी धुन बहुत ही जोशीली है लेकिन पियानो के इस्तेमाल से इसमें एक ठहराव भी है, जो सुनने में अच्छा लगता है। ये गाना ऐसा है जिसे पार्टियों में बजाया जाएगा और बार बार बजाया जाएगा।

10 सुबह- सुबह – फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी

संगीत निर्देशक अमाल मलिक का काम इस साल आमतौर पर कम ही दिखा लेकिन इस गाने में वो एक साफ सुथरी मुहब्बत की धुन बनाने में जरुर कामयाब रहे। गाने की धुन तुरंत असर करती है। गाने को अरिजित सिंह और प्रकृति कक्कड़ ने बड़े ही सपाट ढंग में गाया है । ये गाना सुनने की बजाए देखने में ज्यादा अच्छा लगता है क्योंकि रिषिकेश में फिल्माया ये गाना अपनी प्राकृतिक सुंदरता की वजह से सकून देता है।

अऩुवाद- ईश्वरी क्रिएशंस

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