धर्म +एक्शन + कॉमेडी + रोमांस = माऊली


Mauli movie review by Xyngr
Riteish Deshmukh in a poster of Mauli

दीपा गहलोत

जब दो अगवा की हुई लड़कियों को बचाने के लिए माऊली ( रितेश देशमुख) स्लो मोशन में फ्रेम में इंट्री करते हैं तो उनके हाथ में हथियार की जगह एक ईंट होती है, जी हां ईंट। ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि भगवान विट्ठल की मूर्ति ईंट पर ही स्थापित होती है ( ऐसा क्यों होता है इसको समझाने के लिए बाकायदा किवदंतियां हैं) भगवान श्रीकृष्ण के गहरे श्यामवर्णी अवतार विट्ठल महाराष्ट्र में हर जगह पूजे जाते हैं और आदित्य सरपोतदार के निर्देशन वाली इस मराठी मसाला फिल्म में भगवान विट्ठल को कहानी की मांग पर कई बार दिखाया गया है। फिल्म के प्रोड्यूसर रितेश देशमुख हैं।

रितेश देशमुख ने 2014 की हिट फिल्म लय भारी बनाई थी , मुख्य भूमिका में भी थे। लेकिन ये फिल्म लय भारी का सीक्वल नहीं है बल्कि उसके हीरो माऊली की कहानी को आगे बढ़ाता है जो गुंडों से लड़ने वाला एक ठसकेदार शख्स है , वो समाज में जो गलत हो रहा है उसे सही करता है। दोनों फिल्मों ( लय भारी और माऊली) में एक ही चीज समान है और वो है रितेश देशमुख।

फिल्म में रितेश देशमुख ने ही माऊली का किरदार निभाया है जो एक पुलिस इंस्पेक्टर है और कापूरगांव पहुंचता है, जहां खलनायक नाना ( जीतेंद्र जोशी) का राज चलता है। नाना का गैंग का नियंत्रण गांव के पानी टैंकरों पर है, वो अवैध शराब का धंधे चलाता है और लोगों की जमीनें हड़पता है। फिल्म में नाना शैतान और भ्रष्ट होने के साथ साथ नास्तिक भी है । गांव के मंदिर में ताला लगाकर नाना उसके सामने ही शराब का ठेका चलाता है।

सभी पुलिसवाले नाना के रिश्वत पर पलते हैं और जो भी उसका विरोध करता है वो मारा जाता है। जब माऊली नाना के अपराधों पर रोक लगाने की कोशिश करता है तो उसे पीटा जाता है और धमकी भी दी जाती है कि या तो नाना का पालतू बनकर रहो नहीं तो अंजाम भुगतो।

फिल्म का प्लॉट बेहद घिसा पिटा और उबाऊ है जो अस्सी के दशक में ही इंडस्ट्री से बाहर हो चुका है। साथ ही स्क्रिप्ट इतनी नीरस है कि आप पांच सीन पहले ही बता देंगे कि क्या होगा। अगर कहीं ईंटों का ढेर लगा है तो आपको पता है कि हीरो उसमें से उछलकर बाहर निकलेगा, अगर मंदिर का सीन है तो पता है कि हीरो भगवान से बात करेगा और जैसे ही स्क्रीन में गांव की इकलौती सुंदर और कुंवारी लड़की ( सैयामी खेर) दिखती है, पता चल जाता है कि हीरो के प्यार में यही घायल होगी। मशहूर कॉमेडियन सिद्धार्थ जाधव फिल्म में माऊली के दाहिने हाथ बने हैं।

फिल्म का सबसे ताकतवर पक्ष है अजय- अतुल का शानदार संगीत और बेहद शक्तिशाली धार्मिक मंत्रोच्चार का बैकग्राउंड म्यूजिक , जो इस फिल्म के ठेठ एक्शन-कॉमेडी और रोमांच की तिकड़ी में दिलचस्पी का तड़का लगाने के साथ साथ माऊली को एक रोमांचक क्लाइमेक्स भी देता है। रितेश देशमुख ने फिल्म में शानदार एक्टिंग की है। उनके किरदार के दो शेड हैं एक वर्दी पहनकर सीधे साधे माऊली और दूसरा वर्दी उतारकर एक्शन हीरो माऊली, उन्होंने दोनों की भूमिका में जान डाल दी है।खासकर जो दूसरा शेड है वो साउथ फिल्मों के रीमेक वाले जीतेंद्र की याद दिलाता है, इसमें रितेश देशमुख लाउड नहीं हुए हैं बल्कि उन्होंने किरदार के अंदर के जीतेंद्र को कहानी की मांग के हिसाब से बांधे रखा है। माऊली ब्लॉकब्लस्टर फिल्म ‘लय भारी’ का गरीब चचेरा भाई है, लेकिन अगर उम्मीदों की खिड़की छोटी रखें तो ये फिल्म आपको निराश नहीं करेगी

माऊली

निर्देशक – आदित्य सरपोतदार

कलाकार- रितेश देशमुख, सैयामी खेर, सिद्धार्थ जाधव, जीतेंद्र जोशी और अन्य

रेटिंग – 2.5 स्टार

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